National Security Guard: नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), जिसे ब्लैक कैट कमांडो के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. साल 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद इसकी स्थापना की गई थी और तब से यह संगठन राष्ट्र की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को सुनिश्चित करने में लगा हुआ है. NSG कमांडो अपनी बहादुरी और कठिन ट्रेनिंग के लिए प्रसिद्ध हैं. आइए, जानते हैं कैसे एनएसजी में शामिल हो सकते हैं और इसमें क्या चुनौतियां आती हैं.
कितनी तरह के होते हैं कमांडो
- स्पेशल एक्शन ग्रुप (SAG): आतंकवाद का मुकाबला.
- स्पेशल रेंजर ग्रुप (SRG): VIP और VVIP की सुरक्षा प्रदान करता है.
- स्पेशल कंपोजिट ग्रुप (SCG): विभिन्न शहरों में काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन्स में तैनात.
NSG में शामिल होने की योग्यता
- सेवा अनुभव: भारतीय सशस्त्र बलों या पुलिस बल में कम से कम तीन साल की सेवा.
- शैक्षिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना.
- आयु सीमा: 35 वर्ष से कम.
- स्वास्थ्य मानक: शारीरिक और चिकित्सा रूप से पूरी तरह से फिट होना.
चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) में कमांडो बनने की राह सीधी नहीं है. इसके लिए उम्मीदवारों को भारतीय सशस्त्र बलों, जिसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, और भारतीय नौसेना शामिल हैं में सेवा करनी होती है.
कैसे बने NSG कमांडो
सबसे पहले आपको भारतीय सेना, वायु सेना, या नौसेना में एक अधिकारी, सैनिक, या अन्य किसी पद पर सेवा करनी होगी. CRPF के जवान भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं. जब आप सशस्त्र बल का हिस्सा बन जाते हैं, तो चयन प्राधिकरण द्वारा NSG कमांडो के पदों के लिए रिक्ति जारी की जाती है. इसके बाद अलग-अलग राउंड होते हैं, जिनमें सफलता पाना जरूरी है.
सबसे पहले कैंडिडेट की सेवा रिपोर्ट, शारीरिक और चिकित्सा फिटनेस की जांच की जाती है. इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार और विभिन्न परीक्षणों से गुजरना पड़ता है. सफल उम्मीदवारों को एडवांस ट्रेनिंग के लिए देश के बाहर भी भेजा जाता है, जहां उन्हें विशेष कॉम्बैट स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाती है.














