Kanpur: स्वास्थ्य समिति की जांच में प्रथम दृष्टया डॉक्टर दोषी, GSVM की तीन महिला जेआर ने डॉक्टर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप

By Sanvaad News

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कानपुर, संवादपत्र । जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की तीन महिला जेआर के साथ छेड़छाड़ के मामले में उर्सला के डॉक्टर जांच समिति की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। समिति ने जांच करने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। हालांकि, सीएमओ डॉ.आलोक रंजन का कहना है कि अभी समिति की रिपोर्ट नहीं मिली है।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की जेआर उर्सला अस्पताल में शासन के निर्देश पर ट्रेनिंग के लिए जाते हैं। महिला जेआर का आरोप है कि उर्सला अस्पताल में नेत्र विभाग के एक डॉक्टर ने नशे की हालत में अभद्रता की, उसके बाद वह पीछा करते हुए जेआर के साथ जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के अंदर तक आ गया। महिला जेआर ने मामले की शिकायत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से की।

इसके अलावा दो और महिला जेआर ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत की। प्राचार्य ने मामले के संबंध में प्रमुख सचिव, डीजीएमई, डीएम व सीएमओ को पत्र लिखा। वहीं, उर्सला के नेत्र विभाग में जाने वाले जेआर लोगों का कहना है कि डॉक्टर की हरकतों से लोग मानसिक तनाव में रहते हैं। उर्सला अस्पताल के निदेशक डॉ.एचडी अग्रवाल ने मामले की जांच के संबंध समिति का गठन किया था।

जिसमें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी मोहन, उर्सला के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र तिवारी और डफरिन अस्पताल की डॉ.मंजू सचान शामिल हैं। समिति के सदस्यों के मुताबिक प्रकरण के संबंध में रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। समिति के मुताबिक प्रथम दृष्टया डॉक्टर को दोषी पाया है। वहीं, उर्सला के निदेशक ने प्रमुख सचिव से डॉक्टर को उर्सला से निष्काषित करने की मांग की है।

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