Kanpur: सीसामऊ में सपा की दुविधा, इरफान मामले में 18 को सुनवाई, फजल महमूद बोले- वक्त आने पर खोलेंगे पत्ते

By Sanvaad News

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विशेष संवाददाता, संवादपत्र । सीसामऊ विधानसभा उपचुनाव को लेकर सपा अभी भाजपा की तरह तैयारी की जल्दबाजी में नहीं है। इसकी बड़ी वजह टिकट को लेकर पशोपेश है। पार्टी इरफान सोलंकी को सजा सुनाए जाने कारण उनकी सदस्यता रद होने के मामले में दायर याचिका पर 18 सितंबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार कर रही है। माना जा रहा है कि इसके साथ ही नेतृत्व यह भी दिखाना चाहता है कि वह सीसामऊ में सिर्फ सोलंकी परिवार के ही भरोसे नहीं है।

18 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सीसामऊ के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की जमानत और सजा पर स्टे को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी के अनुसार सांसद अफजाल अंसारी की सजा निरस्त कराने वाले वकील उपेंद्र उपाध्याय ही इरफान सोलंकी के भी वकील हैं। सपा नेताओं के मुताबिक इसी कारण पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुले तौर पर इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी से चुनाव की तैयारी के लिए अब तक नहीं कहा है।

वजह साफ है कि नेतृत्व हाईकोर्ट में 18 सितंबर की सुनवाई का इंतजार करने के साथ दिखाना चाहता है कि सीसामऊ उप चुनाव जीतने के लिए सोलंकी परिवार ही अपरिहार्य नहीं हैं। फिलहाल पार्टी का फोकस इरफान को बचाने पर है। महानगर सपा अध्यक्ष फजल महमूद कहते हैं कि वक्त आने पर पत्ते खोले जाएंगे। वैसे फजल खुद भी टिकट के प्रबल दावेदार हैं। पूर्व विधायक सतीश निगम भी टिकट की लाइन में हैं।

हालांकि सपा पर्यवेक्षक राजेंद्र कुमार ने शहर प्रवास के दौरान जाजमऊ स्थित इरफान के आवास जाकर पत्नी नसीम सोलंकी और परिजनों से मिले थे। इससे पहले भी वह उनके घर गए थे। लेकिन बताया जाता है कि पर्यवेक्षक ने चुनाव के बाबत कोई बात नहीं की है। इस बीच नसीम सोलंकी अखिलेश यादव से दो बार भेंट कर चुकी हैं। बताते हैं इस दौरान अखिलेश ने उन्हें आशवस्त किया था कि इरफान की जमानत और सजा निरस्त करने को लेकर हाईकोर्ट में तगड़ी पैरवी की जाएगी। बड़े से बड़ा वकील खड़ा किया जाएगा।

39 करोड़ की योजनाओं में भाजपा पर भेदभाव का आरोप

सीसामऊ उप चुनाव को लेकर भाजपा की जोरदार तैयारी के मुकाबले सपा में सुस्ती की वजह इरफान को लेकर फैसले की दुविधा है। वरिष्ठ नेताओं के अनुसार संभव है कि इरफान को हाईकोर्ट से राहत मिल जाए। ऐसे में चुनाव की संभावना ही खत्म हो सकती है।

हालांकि भाजपा को सीसामऊ उप चुनाव जिताने के लिए दो वरिष्ठ मंत्रियों को पर्यवेक्षक तैनात करने के साथ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल रखी है। उधर, सपा विधानसभा क्षेत्र में भेदभाव बरतने का आरोप लगा रही है। सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने करीब 39 करोड़ की योजनाएं गैर मुस्लिम क्षेत्रों के लिए घोषित की हैं। क्षेत्र में 6 वार्डों में मुस्लिम आबादी बहुतायत में है। यहां विकास कार्यों से परहेज किया जा रहा है।

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