लखनऊ‚ संवाद पत्र। बीएसपी कु. मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ की बैठक‚ यूपी स्टेट पार्टी यूनिट के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों व जिला अध्यक्षों के साथ बैठक। पार्टी संगठन की मजबूती और जनाधार को बढ़ाने की प्रगति की रिपोर्ट ली।बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संगठन में किया फेरबदल‚ विधानसभा उपचुनाव की भी तैयारी की समीक्षा की साथ में‚ बीजेपी और विपक्षी पार्टियों के खिलाफ लोगों के बीच जाकर पार्टी नीतियों को प्रसारित करने के निर्देश दिये।
मायावती जी ने बोला‚ गरीबी, बेरोजगारी व मंहगाई की घातक समस्या को दूर करने के लिए सरकार के दावों को अगर मान भी लिया जाए तो यह यूपी की विशाल आबादी के हिसाब से ऊँट के मुँह में जीरा जैसा होगा। ऐसे में इनकी स्थिति सुधरने वाली नही है बल्कि सरकारी नौकरी में भी भारी बेरोजगारी व्याप्त है।
मायावती जी ने बोला‚ करोड़ों गरीबों, बेरोजगारों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों व अन्य मेहनत करने वाले लोगों को राहत, सुविधा व सुरक्षा की घोर कमी पाई गयी है। हर प्रकार की असुरक्षा, शोषण एवं उत्पीड़न अधिक अर्थात् अधिकतर मामलों में सरकारी वादे व दावे कोरे व कागजी है।
भाजपा सरकारों में द्वेषपूर्ण व विध्वंसक बुलडोजर राजनीति का सुप्रीम कोर्ट द्वारा देर से ही सही किन्तु उचित संज्ञान लेने से लोगों में थोड़ी राहत दी है। एक देश, एक चुनाव’ की व्यवस्था के तहत देश में लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय का चुनाव एक साथ कराने वाले प्रस्ताव को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा कल दी गयी मंजूरी पर बीएसपी का स्टैण्ड सकारात्मक है-मायावती
लेकिन इसका उद्देश्य देश व जनहित में होना जरूरी है। यू.पी. सहित पूरे देश में महिला असुरक्षा भी चिन्तित करने वाला बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है। जिसको लेकर भी जातिवादी द्वेष व साम्प्रदायिक पक्षपात आदि की राजनीति और उसी के हिसाब से इस्तेमाल वास्तव में स्थिति को और भी अधिक गंभीर व तनावपूर्ण बना रहा है।
बीएसपी, केन्द्र सरकार से देश में राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना की मांग करती है। तथा SC/ST व OBC वर्गों को भी देश के शासन-प्रशासन में समुचित व प्रभावी भागीदारी दिलाने को भी जमीनी हकीकत में बदलवाने का पूरा-पूरा प्रयास किया जायेगा ।











