लखनऊ, संवादपत्र । राजधानी में एक घंटे की तेज बारिश ने राहत तो जरूर दी लेकिन बरसात में मस्ती की आड़ में युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। हद तो तब हो गई जब उन्होंने महिलाओं को भी नहीं बख्शा, उन्हें गाड़ी समेत पानी में गिरा दिया और फबत्तियाँ कसीं।
बुधवार को दोपहर एक बजे के बाद लखनऊ में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। एक घंटे तक हुई इस बरसात में विधानभवन, नगर निगम मुख्यालय, हजरतगंज चौराहा और गोमतीनगर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। बारिश के बीच गोमतीनगर में ताज होटल के पास स्थित ओवर ब्रिज के नीचे बारिश का पानी बड़ी मात्रा में जमा हो गया। इस पानी में कई युवक समूह बनाकर मस्ती करते नजर आए। तस्वीरों और वीडियो में मस्ती करते दिख रहे युवक कुछ देर तक तो सही रहे, लेकिन उसके बाद उन्होंने आने-जाने वाले लोगों पर बारिश का पानी उलचना शुरू कर दिया। बाइक सवार उससे बचने की कोशिश में कमर तक भरे पानी में एक के बाद एक गिरते गए। कुछ बाइक सवारों के साथ महिलाएं भी थीं, लेकिन युवकों ने उनका भी लिहाज नहीं किया। पानी फेकने के साथ ही युवकों ने बाइक पकड़कर गिरी महिलाओं पर फबत्तियाँ भी कसीं। इस सबके बीच खुद को आम नागरिक के लिए सुरक्षा में तत्पर बताने वाली लखनऊ पुलिस दूर-दूर तक नजर नहीं आई। युवकों के संख्या बल के आगे मजबूर बाइक सवार कुछ भी करने की स्थिति में नहीं थे।
बारिश के दौरान अंडरपास में भरे पानी में युवकों का समूह इस कदर सड़क को घेरे था कि एक-के बाद एक तीन गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हालाँकि इस हादसे में किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन पुलिस की गैरमौजूदगी में ऐसी स्थिति में कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। बारिश की मस्ती की आड़ में इस तरह की हरकतों से शहर वासी खासे परेशान रहे। युवकों की हरकत से न केवल कई लोग बारिश के गंदे पानी में गिर गयी बल्कि बंद हुई अपनी गाड़ियों को धक्का देकर वहां से ले जाने पर भी मजबूर हुए। ऐसी स्थिति में पुलिस की मौजूदगी न होना कहीं न कहीं आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस के उदासीन रवैये को जाहिर करता है।













