कन्नौज/संवाद पत्र । तिर्वा में भगवान शिव की सवारी कहे जाने वाले नंदी महाराज के दूध पीने की बात को सुनकर श्रृद्धालु दूध पिलाने के लिए मंदिर पहुंचने लगे। यह अंधविश्वास कहा जाए या चमत्कार।
कोतवाली के धारानगर मार्ग पर एक काफी पुराना पीपल का पेड के साथ वंहा पर एक शिवमंदिर भी है। जहां पर शिव मंदिर में शिव के साथ उनकी सवारी नंदी भी विराजमान है। लोग वहां पर प्रतिदिन पूजा पाठ कर अपनी मनौती की मांग करते है। वहां पर एक पूजारी भी रहता है जो सुबह शाम पूजा पाठ कर आरती करता है।
मंगलवार की शाम को पूजारी पूजा पाठ कर नंदी को चम्मच से दूध पिलाया तो नंदी महाराज ने दूध पी लिया। यह देखकर वह दंग रह गया। उसने गांव के लोगो को नंदी के दूध पीने की बात बताई तो लोग आर्श्चय में पड़ गए।
बुधवार की सुबह नंदी के दूध पीने की चर्चा लोगों मे फैल गई। लोग दूध लेकर मंदिर पहुंचने लगे और चम्मच से जब श्रृद्धालु दूध पिलाते तो वह पी लेते। भगवान शिव की सवारी कहे जाने वाले नंदी महाराज के दूध पीने की जानकारी नगर में फैली तो मंदिर पर कौतूहल बन गया। दूर-दूर से लोग महाराज को दूध पिलाने व दर्शन करने के लिए पहुंचे। यह कोई अंधविश्वास कह रहा तो कोई चमत्कार।












