Vinesh Phogat Wrestling Career: भारतीय महिला रेसलर विनेश फोगाट से सभी भारतीय फैंस को पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद थी और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में भी अपनी जगह को बना लिया था, लेकिन गोल्ड मेडल मैच से ठीक पहले उन्हें सिर्फ 100 ग्राम वजन अधिक होने की वजह से इस मुकाबले के लिए अयोग्य करार दे दिया गया, जिसको लेकर भारतीय ओलंपिक संघ ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं इस फैसले से विनेश को भी बड़ा झटका लगा और उन्होंने 8 अगस्त की सुबह एक्स पर पोस्ट करते हुए अपने संन्यास का ऐलान कर दिया। विनेश का रेसलिंग करियर काफी शानदार रहा है जिसमें उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ एथियाई खेलों में कई पदक जीते हैं।
साल 2013 में मिली करियर की पहली बड़ी सफलता
विनेश फोगाट एक ऐसे परिवार से आती हैं जिसका कुश्ती में अब तक काफी योगदान रहा है, जिसके चलते उनका इस खेल के प्रति बचपन से ही लगाव देखने को मिला। विनेश को कुश्ती की शुरुआती ट्रेनिंग उनके चाचा महावीर सिंह फोगाट से मिली। इसके बाद विनेश ने साल 2013 में यूथ रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। यहां से उनके करियर को एक अलग उड़ान मिली और इसी साल दिल्ली में आयोजित हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में 51 किलोग्राम कैटेगिरी में विनेश ने कांस्य पदक को अपने नाम किया था।
यहां से विनेश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और साल 2014 में हुए एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जबकि कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की। रेसलिंग से भले ही विनेश ने संन्यास का ऐलान कर दिया है लेकिन उन्होंने अपने करियर में कई पदक जीते हैं। इसमें कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम 3 गोल्ड मेडल भी दर्ज हैं वहीं एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने 1-1 गोल्ड मेडल जीता है।
अर्जुन पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न भी विनेश को मिल चुका है
खेलों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए विनेश फोगाट को भारत की सरकार की तरफ से जहां साल 2016 में अर्जुन पुरस्कार दिया गया था तो वहीं साल 2020 में उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी मिला जो देश का सर्वोच्च खेल सम्मान भी है।













