कासगंज, संवादपत्र । सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मनौटा में शव दफनाने को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हो गया। दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। लगभग दो घंटे शव को दफनाने के लिए दो गज जमीन नहीं मिली। हालांकि हालातों को भांपते हुए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और फिर नाप तौल कर मामले को शांत किया। तब कहीं जाकर शव दफनाया जा सका।
बुधवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र के गांव मनोटा में 45 वर्षीय शाकिर अली की सामान्य मौत हो गई। परिजन शाकिर का शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे, लेकिन आरोप है कि हिन्दू समुदाय के कुछ लोगों ने कब्र खोदी जा रही जमीन को विवादित बताया कि फिर कब्र की खोदाई रोक दी गई।
जिससे दोनों समुदाय के लोग आपस में कहासुनी करने लगे। सूचना पुलिस और राजस्व टीम को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया। फिर नाप तौल के उच्चधिकारियों को सूचित किया। एसडीएम सदर संजीव कुमार ने विवाद खत्म करने के लिए जमीन की नाप तौल कराई। उसके बाद कब्र खोद कर मृतक का शव दफनाया गया।
इन्होंने इन पर लगाए आरोप
शव लेकर पहुंचे परिवार के अमीन अली, शमीम पुत्रगण जाकिर अली ने कुछ लोगों पर आरोप लगाया कहाकि गांव मनौटा के प्रदीप पुत्र शैतान सिंह , करण सिंह पुत्र कल्लू , नौबत सिंह पुत्र तेज सिंह, साहब पुत्र लालाराम, विमल पुत्र हरि सिंह, आशुतोष पुत्र आराम सिंह, ज्ञान सिंह, नेम सिंह, मोहर सिंह पुत्रगण बाबू सिंह, रूम सिंह पुत्र तूफान सिंह , हरि सिंह, होरीलाल, सोनेलाल पुत्रगण नेकसे लाल कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
कोई विवाद नहीं था सिर्फ शव दफनाने को लेकर दो पक्ष के लोग आपस में कहासुनी कर रहे थे, नापतोल कराया गया है। वहां शांति व्यवस्था बनी हुई है। शव को दफनाया गया है।













