People living near the lines will be verified, fencing will also be installed
लखनऊ, संवाद पत्र । रेलवे लाइनों पर मंडरा रहे खतरों को देख प्रदेश के पुलिस महकमा सक्रिय हो गया है। बुधवार को डीजीपी प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में प्रदेश के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई और रेलवे लाइनों की सुरक्षा के लिए रणनीति तैयार की गई। बैठक में अंबाला, दिल्ली और मुगलसराय के भी रेलवे अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में प्रशांत कुमार, एडीजी रेलवे प्रकाश डी, एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश, एडीजी अपराध एसके भगत की उपस्थिति में प्रदेश के सभी जोनल एडीजी, एडीजी आरपीएफ बड़ौदा हाउस एवं प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त दिल्ली के अलावा दिल्ली, अंबाला और मुगलसराय के एडीआरएम भी शामिल हुए। डीजीपी ने कहा कि रेलवे लाइनों को अवरुद्ध करने की घटनाओ को देखते हुए लाइनों की सुरक्षा के प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा लाइनों की सुरक्षा के लिए वाल-फेसिंग कराए जाने, वल्नरेबुल क्षेत्र को चिन्हित करने, संयुक्त पेट्रोलिंग कराने, मंडल स्तर पर समन्वय बैठक करने, रेलवे ट्रैक के आसपास हुए अवैध निर्माण को हटवाने एवं एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइनों की समुचित सुरक्षा के लिए उच्च तकनीकी का उपयोग, ट्रेन इंजन एवं कोचेज में सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाए।
डीजीपी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश का है। विगत में रेलवे लाइनों के अवरूद्ध करने संबंधी घटनाओं में समन्वय रखते हुए घटनाओं को रोकने हेतु सभी स्टेक होल्डर्स को सम्मिलित कर एसओपी बनाकर कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से रेलवे लाइनों की पेट्रोलिंग कराई जाए तथा किसी प्रकार के प्राप्त इनपुट को शेयर किया जाए।
ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया। कहा कि विगत 10 वर्षों में रेलवे लाइनों पर जो भी आपराधिक घटनाए हुई है उनका विश्लेषण कर लिया जो। रेलवे लाइनों के आसपास रहने वाले लोगो का वेरिफिकेशन कराया जाए।













